तुम मेरे पास हो!!
नीला गगन सामने, तू है मेरे पास
दूरियों की सरगर्मियां, तुमसे मिलने की है आस
जश्न है दुनिया का,मेरे लिए तू ही ख़ास
नाज़नीं तू मेरे लिए, तुझसे है मेरी सांस
काश होता मेरा प्यार, तेरे पास तेरे पास
वक़्त का है आइना, साफ़ साफ़ दिख रहा
कांच की शीशियों में , वक़्त यूँ सिमट रहा
रेत साहिलों का , धरा पर चमक रहा
लहरों को साहिलों का, आसरा दिख रहा
कश्तियों को आज मैं देखता रहा
बातों में तेरी मै डूबता रहा
सात रंग तेरे साथ मैं संजोता रहा
बर्फ की आंधिया, सहारा तुम ही हो
हार मेरी तुम ही, जीत तुम ही हो
खुदा मेरे तुम ही, नशा तुम ही हो
वफ़ा तुमसे ही है, बेवफाई तुम ही हो
मिलना तुमसे ही है, जुदाई तुम ही हो
फूल की महक तुम, भवरे की गूँज हो
मेरा प्यार तुम ही , और मेरा ताज हो
बेरंग मेरी दुनिया , रंगरेज़ मेरे आप हो
गुनगुनाती वादियां, तुम जो मेरे साथ हो
बेबसी के आलमो में, तुम मेरा साज हो
तपती हुई रेत में, बारिश की फुहार हो
तुम मेरे पास हो!!
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