सावरे कान्हा!!
सांवरी सुरतिया देख के ओ कान्हा
मन मेरा आज तेरा, हो गया तो कान्हा
बाँसुरी के सुर तूने, आज जो लगाए हैं
सारी दुनिया से बढ़, आज मुझे भाये हैं
तेरी दीवानी होके, जग भुल जाउंगी
तेरे प्रेम में आज मैं, बावरी हो जाउंगी
चरणों मे मुझको भी, रखलो ओ श्याम जी
जोगन मैं बन जाऊं, पिया तेरे नाम की
राधा के श्याम तुम, मथुरा कि शान तुम
देवकी के लाल तुम, मीरा के प्राण तुम
सुदामा के मित्र तुम, यशोदा के पुत्र तुम
पंछियो कि आस तुम, गोपियों के रास तुम
तेरी भक्ति में मुझको, जीना है मरना है
अपना ये जीवन सारा, तेरे नाम करना है
निहारती रहू मैं तुझको, दिन रात ओ कान्हा जी
नाम तेरा जपती राहु, सातो याम कान्हा जी
यमुना के तीरे तू, मुरली जब बजाए कान्हा
मोह तेरा मुझको खिंचे, लिए आये ओ कान्हा
जग बिसराये दौड़ी, चली आउ ओ कान्हा
तेरी मुरली की धुन, दिल को सुकून दे तो कान्हा
सांवरी सुरतिया देख के ओ कान्हा
मन मेरा आज तेरा, हो गया तो कान्हा
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